ग़ज़ा के क़रीब बनी ग़ैर क़ानूनी जायोनी बस्तियों में एक सैनिक केंन्द्र का मुआइना करने के लिए नेतनयाहू गए थे जहां उन्हें सैनिकों को संबोधित भी करना था मगर उस समय नेतनयाहू की बुरी हालत हो गई जब एक कमांडर उन्हें गालियां देने लगा और उन्हें झूठा कहने लगा।
इस्राईल के चैनल 12 ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ज़ायोनी सैनिक इस समय नेतनयाहू से मिलना ही नहीं चाहते क्योंकि वो बहुत नाराज़ हैं। टीवी चैनल के अनुसार नेतनयाहू ग़ज़्ज़ा पर ज़मीनी हमले के लिए सैनिकों को तैयार करने वहां पहुंचे थे तभी यह स्थिति पेश आई।
इसके बाद ज़ायोनी शासन के मीडिया में यह बहस छिड़ गई है कि सैनिकों के स्तर पर हो सकता है कि यह मांग शुरू हो जाए कि नेतनयाहू तत्काल त्यागपत्र दें।
इस्राईल से आने वाली तस्वीरों और वीडिय फ़ुटेज से पता चलता है कि ज़ायोनी सेना में भारी ख़ौफ़ है हालत यह हो गई है कि कई बार सैनिकों ने ज़ायोनियों को यह समझ कर क़त्ल कर दिया कि वो फ़िलिस्तीनी हैं।
इस प्रकार की एक घटना ओवाकीम नाम की ज़ायोनी बस्ती में हुई जो ग़ज़्ज़ा पट्टी के क़रीब है। इसी तरह एक सैनिक ने बिजली विभाग के एक कर्मचारी और एक पहरेदार को फ़िलिस्तीनी समझ कर क़त्ल कर दिया।